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SEO Kya Hai ? SEO Kaise Kaam Karta Hai

SEO Kya Hai ? SEO Kaise Kaam Karta Hai

दोस्तो! इंटरनेट पर SEO टर्म का बड़ा ही होना बना हुआ है। आपको English me Dhero Information mil jayegi ki What is SEO. लेकिन हिंदी में एसईओ क्या है बहुत काम ही जानकारी मील। तो आज मैं इस पोस्ट में बताऊंगा कि एसईओ क्या है (What is SEO in Hindi)?  और एसईओ (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) काम कैसे करता है।
SEO का फुल फॉर्म सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन होता है, जो वेबसाइट रैंक इम्प्रूव करना और वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ाना करना के लिए बहुत जरूरी है। एसईओ कही-कही पर तकनीकी एसईओ तकनीक के नाम भी जाना जाता है और यह 2 तरह का होता है।
तो एसईओ क्या है, यहा पर मैं इसी के नंगे में विस्तार से बताने वही हूं। Ki SEO Kya hai (What is SEO in Hindi)? और यह किस तरह वेबसाइट ट्रैफिक बूस्ट करने में मदद करता है।

एसईओ क्या है?

SEO= सर्च इंजन + ऑप्टिमाइजेशन = सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन

तो जैसा आप देख रहे हैं, सर्च इंजन शब्द इसमे आ रहा है। तो सर्च इंजन क्या होता है? -

सर्च इंजन का सब कुछ सरल सा उदाहरण है गूगल और ज्यादातर लोग गूगल से ही कुछ भी सर्च करते हैं। इसके बाद आता है बिंग, याहू, आस्क आदि।

एसईओ कैसे काम करता है? या SEO कैसे करे?

SEO तकनीक कैसे काम करता है? या आपके मन में भी देखा होगा। दोस्तो जब भी हम गूगल या किसी दुसरे सर्च इंजन में कुछ सर्च करते हैं तो लाखो रिजल्ट आते हैं। और हम उन्ही रिजल्ट्स में किसी 1-2 पर ही क्लिक करते हैं। मैं और मुश्किल से कोई बाँदा 2 nd पेज ke खोज परिणामों हो dekhta hoga।

इस्का मैटलैब याह है की जो भी ब्लॉग्स या वेबसाइट्स सर्च रिजल्ट्स के पहले पेज में होते हैं उनकी दौड़ती हुई हाई होती है। और वो ब्लॉग वेल ऑप्टिमाइज्ड या एसईओ को फॉलो करता है।

सर्वश्रेष्ठ एसईओ अनुकूलित लेख

तो कभी आपने सोचा है की गूगल कैसे किसी ब्लॉग के कंटेंट को डेटाबेस से क्रॉल करता  है और सर्च रिजल्ट्स मी शो करता है? वो क्या होता है जिन्के आधार पर गूगल सर्च रिजल्ट्स मी ब्लॉग/वेबसाइट के कंटेंट को इंडेक्स करता है? Kis ko 2 ब्लॉग nd बराबर aana chahiye? Kis ब्लॉग को 3 वां aana chahiye बराबर? तो इन सब चिज़ो के लिए बहुत सारे फैक्टर होते हैं।

Google ब्लॉग पर प्रकाशित हुई सामग्री, कीवर्ड, गुणवत्ता, सामग्री की लंबाई, बैकलिंक, इंटरनेट लिंक, ऑन पेज एसईओ, ऑफ पेज एसईओ आदि कारकों के आधार पर इनकी अनुक्रमण कर्ता है।

खोज इंजन रैंकिंग कारक:

दोस्तो! अभी हम जाना की एसईओ क्या है और कैसे काम करता है। लेकिन सर्च इंजन में लेख किस आधार पर रैंक होते हैं, अब हमारे बारे में जानेंगे। जैसा की मैंने बताया की कुछ एसईओ विशेषज्ञों ने अनुसंधान किया है की Google किन कारकों पर किसी ब्लॉग के सामग्री को खोज परिणाम मुझे शीर्ष पर शो करता है। तो चले उन फैक्टर्स को जाने देते हैं।-

#1: डोमेन-लेवल: डोमेन लेवल वाह फैक्टर है जो आपके ब्लॉग के डोमेन नेम, ब्लॉग से लिंक्ड क्वालिटी साइट्स और उसके पेज रैंक पर निर्भर करता है। इस फैक्टर का महत्व 10 में 8 प्वाइंट तक होता है। यानी की आपका डोमेन नाम, बैकलिंक्स एसईओ के लिए महत्वपूर्ण कारक है।

#2: कीवर्ड और कंटेंट : Iss Factor me aapka On-Page SEO प्रभावित होता है। ऑन पेज SEO me aapka कीवर्ड, कंटेंट टाइप, कंटेंट क्वॉलिटी, कंटेंट लेंथ बराबर निर्भर करता है। अगर आपके कंटेंट में दर्द होता है कीवर्ड इस्तेमाल होते हैं तो आपके लिए फायदेमंद होगा। आपको कीवर्ड का ख्याल रखना चाहिए। इस्के साथ साथ आपको विस्तृत पोस्ट लिखनी चाहिए। Iss factor ka SEO me महत्व 10 में 7 अंक तक होता है।

#3: सामग्री लेखन तकनीक: सामग्री को लिखते समय h1, h2 टैग का उपयोग अपने शीर्षक को लिखने में करना चाहिए। अगर आप बिगिनर है तो आपको बता रहा हूं कि एच1, एच2 टैग एचटीएमएल में इस्तेमाल होते हैं। प्राथमिकी उपशीर्षक को आप एच६ में लिख सकते हैं। साथ ही आपने सामग्री मुझे पैराग्राफ के फ़ॉन्ट आकार को भी इतना बड़ा रखा की कोई भी पाठक हमें बिना जूम की आसन से पढ़ खातिर। इस फैक्टर का स्कोर 10 में 6 प्वाइंट होता है।

#4. ट्रैफ़िक:  आपके ब्लॉग पर प्रतिदिन कितने विज़िटर आते हैं। उसमे से कितने ऑर्गेनिक (सर्च) विज़िटर हैं और कितने सोशल मीडिया के माध्यम से आ रहे हैं। यह सब भी निर्भर करता है जो आपके ब्लॉग पर सर्च रिजल्ट्स में ऊपर लता है। इसके साथ साथ आपके ब्लॉग का पेज-लोडिंग समय न्यूनतम होना चाहिए। तो फैक्टर का महत्व भी 6 सूत्री होता है।

#5. डोमेन ब्रांड वैल्यू: डोमेन ब्रांड वैल्यू यानि जॉब हाय ब्लॉग्स या वेबसाइट्स न्यूज/मीडिया/प्रेस की होती है उनका महत्व ज्यादा रहता है और सर्च रिजल्ट्स मी यू टॉप पर हाय रहते हैं। तो अगर आप ऐसे टॉपिक पर ब्लॉगिंग करते हैं जो मीडिया/न्यूज साइट्स में भी कवर होती है तो आप शोधन हो जाए। क्यूकी यह आपके लिए थोड़ा कॉम्पिटिशन हो सकता है। फ़िर भी गूगल के सर्च रैंकिंग के फ़ैक्टर के इतिहास से इस्का पॉइंट 5 होता है।

#6 कीवर्ड उपयोग: अगर कोई विज़िटर ऐसा कीवर्ड दाल के खोज करता है जो आपके सामग्री के शीर्षक से समान मैच करता है तो इसे आपके ब्लॉग की खोज परिणाम मुझे बेहतर रैंकिंग देता है। लेकिन इस कारक का महत्व 10 में से 4 अंक हाय है।

#7 एचटीपीपी साइट्स: जो भी एचटीटीपीएस वाली साइट्स होती हैं वो साइट्स सिक्योर मानी जाती है। जिन्को ओपन करने पर किसी भी वायरस अटैक, फ्रॉड का कोई खतरा नहीं होता है। इसलिये गूगल ऐसी साइट्स को थोड़ा ज्यादा महत्व देता है और उन्हें सर्च रिजल्ट्स में आगे रखता है। क्या फ़ैक्टर का महत्व 10 में से 6.5 है।

#8 सोशल प्रोफाइल:  आपके ब्लॉग के कितने सोशल प्रोफाइल हैं। यानी क्या आपने एफबी, गूगल प्लस, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि सोशल मीडिया साइट्स पर ब्लॉग के पेज बनाए हैं? अगर नहीं बनाया है तो जल्दी से बना लिजिए। क्यूकी याह भी सर्च रैंकिंग फैक्टर्स में से एक है। और Google iss factor महत्व विवरण है उसका बिंदु है १० में से ३.५। लेकिन फिर भी यह कोई बात नहीं काम नहीं है। आपको इसपर ध्यान देना चाहिए।


गूगल सर्च रिजल्ट की रैंकिंग कैसे तय करता है कर्ता है ?

हर एक सर्च इंजन चाहे वो गूगल हो या याहू हो । सभी सर्च इंजन की एक एल्गोरिथम होती है। जिस के अनुसार अलग अलग वेब सामग्री को इंडेक्स करता है। और कुछ महत्वपूर्ण कारक के हिसब से ही उनको खोज परिणाम मैं दिखाता हूं कर्ता है।

और वो फैक्टर्स क्या है जिन्के बेस पर गूगल याह डिसाइड करता है की सर्च रिजल्ट मुझे किसको टॉप पर रखा और किसको बाद में। तो मुझे आपको लगता है कि यह फैक्टर किसी को नहीं पता होता है और गूगल ने भी जानकारी को लीक नहीं किया है।

लेकिन कुछ SEO एनालिस्ट्स ya SEO एक्सपर्ट्स ( विश्लिष्ट शोधकर्ता ) ने खुद रिसर्च किया हुआ है और वो ये बताते हैं कि वो फैक्टर क्या हैं। और उन्ही फैक्टर्स के अनुसार हम अपने ब्लॉग को ऑप्टिमाइज कर सकते हैं।


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